महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को रोकने के लिए किया जागरूक

 



महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को रोकने के लिए किया जागरूक l


   (फोटो- : कार्यक्रम में विचार रखते हुए वक्ता)


 


POSTED BY SEVA BHARAT TIMES ON 23/08/2019


चमोली। एसिड अटैक विषय पर विधिक जानकारी देने के लिए सिविल जज (सी0डि0)/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि प्रकाश शुक्ला की अध्यक्षता में  गोपेश्वर जिला कोर्ट सभागार में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को एसिड अटैक एवं महिलाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।


सिविल जज (सी0डि0)/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने एसिड अटैक विषय पर विधिक जानकारी देते हुए कहा कि एसिड हमले से हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इस घटना से महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित है। बढ़ते यौन संबंध के कारण महिलाएं एसिड हमले की शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि धारा 326क और 326ख में भारतीय दंड संहिता के तहत दोषियों को दंडित करने का प्रावधान है। एसिड हमले की पीडित महिलाओं को पुर्नवास के लिए प्रतिकर के स्वरूप न्यूनतम 3 लाख रुपए तक सरकार की ओर से मुआवजा मिलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि एसिड बिक्री पर प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट ने प्रतिबंध भी लगा रखा है।


उन्होंने कि समाज में कुछ व्यक्ति मानसिक विकृति के होते हैं। जिनकी इच्छा पूर्ति न होने पर एसिड अटैक जैसी घटनाएं हो रही हैं। ऐसे लोगों के भारतीय दंड संहिता में दस वर्ष तक की सजा, आजीवन कारावास व जुर्माने का प्रावधान है। कहा कि एसिड अटैक से पीड़ित लोग प्राधिकरण में आवेदन कर अपने मुकदमे की पैरवी के लिए निशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। कहा कि पैरा लीगल वॉलियंटर (पीएलवी) की जिम्मेदारी है कि वह एसिड अटैक से जुड़े मामले सामने आने पर तुरंत प्राधिकरण को सूचित करें।


उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। प्रत्येक वर्ग के लोगों तक समान न्याय व्यवस्था के लिए विधिक सेवा शुरू की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब वर्ग के लोग कानूनी लड़ाई में पीछे रहते चले जा रहे है। इसको ध्यान में रखते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 बनाई गई, जिसमें निःशुल्क न्याय की व्यवस्था की गई। ऐसे व्यक्तियों के लिए विधिक सेवा के तहत मुकदमा लडने के लिए कोई फीस नही ली जाती है साथ निःशुल्क वकील भी प्राप्त कर सकते है। कहा कि अगर किसी व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ नही मिल रहा है तो भी विधिक सेवा के तहत ऐसे व्यक्तियों को सहायता पहुॅचाई जाती है। हर व्यक्ति को विधिक सेवा के बारे में जानकारी होनी आवश्यक है ताकि वो इन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य एवं उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


इस दौरान अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया, सीओपुलिस पीडी जोशी, मुख्य कोषाधिकारी वीरेन्द्र कुमार, एसई जीसी आर्या, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेन्द्र खंतवाल, एडवोकेट गीता विष्ट, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित विधि महाविद्यालय गोपेश्वर के छात्र-छात्राए मौजूद थी।


 


 


 


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