डेंगू का डंक

थम नहीं रहा डेंगू का डंक,52 और लोगों में हुई पुष्टि


पर्याप्त इंतजाम के बावजूद डेंगू के वाहक एडीज मच्छर की सक्रियता कम नहीं हो रही


 



(फोटो :- डेंगू मच्छर)


सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो 


देहरादून। उत्तराखंड में डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ व मैदान में डेंगू की बीमारी फैलाने वाले एडीज मच्छर की सक्रियता जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके आगे सिस्टम लाचार नजर आ रहा है। शनिवार को प्रदेश में 52 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक 26 मरीज नैनीताल जनपद के हैं, जबकि देहरादून में 14 और उधमसिंह नगर में 12 लोंगों को डेंगू का डंक लगा है। इस तरह राज्य में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या बढकर 1184 हो गई। देहरादून इसमें सबसे आगे है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक, यहा पर अब तक डेंगू के 769 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, कई ऐसे मरीज हैं, जिनका उपचार निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में चल रहा है। सरकारी तंत्र के पास इसका कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं है। वहीं, नैनीताल जिले में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 336 हो गई। इसी तरह हरिद्वार में 39, उधमसिंह नगर में 26, पौड़ी में एक और टिहरी में 13 मरीज डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।



शनिवार को 21 टीमें उतरीं मैदान में आए दिन डेंगू के बढ़ते मामलों को देख सिस्टम हैरान-परेशान है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अधिकारी दावा करते थक नहीं रहे हैं कि डेंगू की रोकथाम व बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। बावजूद इसके डेंगू के वाहक एडीज मच्छर की सक्रियता कम नहीं हो रही। यह स्थिति तब है, जब देहरादून में पिछले दिनों की तरह डेंगू मच्छर से दो-दो हाथ करने के लिए शनिवार को भी 21 टीमें मैदान में उतरी रहीं। 


जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके गुप्ता ने बताया कि रायपुर, विजयनगर, चूना भट्ठा, प्रगति विहार, लाडपुर, आमवाला तरला, धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, लाडपुर, मोथरोवाला, सपेरा बस्ती, कावली रोड, सुमनगर, खुड़बुड़ा, डीएल रोड आदि क्षेत्रों में डेंगू नियंत्रण अभियान चलाया गया। टीमों में शामिल स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अधिकारियों, चिकित्सकों, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा फैसिलेटर व कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस अभियान के तहत अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में 50 हजार घरों में रहने वाली दो लाख की आबादी को कवर किया जा चुका है। घरों में पुराने व टूटे बर्तनों के अलावा टायर, गमले व कूलरों में जमा हुए पानी में मच्छर के लार्वा का सर्वे किया गया। 1700 घरों में मच्छर का लार्वा मिला है। लार्वा को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।


निरीक्षण के दौरान 4265 लोग बुखार से पीड़ित मिले। आंशिक रूप से बीमार लोगों को दवा दी गई, जबकि गंभीर मामलों के मरीजों को अस्पताल जाकर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। निरीक्षण के दौरान पता चला कि विजयनगर, चूना भट्ठा, प्रगति विहार, लाडपुर, आमवाला तरला व धर्मपुर क्षेत्र डेंगू के लिहाज से संवेदनशील हैं।


 


Popular posts from this blog

"मिलकर लड़ेंगे जंग"

भूकंप के हल्के झटके :जानें

वायु मुद्रा शरीर के अंदर व्याप्त गैस,कब्ज अपच को दूर करता है