नए ट्रैफिक नियम


नए ट्रैफिक नियम लागू होने में लग सकता है कुछ और समय, पढ़ें ये खबर


                           


(फोटो-2: चालान काटती हुई पुलिस, ट्रैफिक लाईट प्रतीकात्मक चित्र)


सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो देहरादून न्यूज 


देहरादून। उत्तराखंड में नए ट्रैफिक नियम लागू होने में फिलहाल अभी और वक्त लगेगा, बहरहाल पुराने नियमों के तहत ही वाहनों के चालान काटे जाएंगे। ट्रैफिक निदेशालय सरकार के शासनादेश का इंतजार कर रहा है। शासनादेश मिलने के बाद से ही प्रदेश में नए नियमों पर चालान काटे जाएंगे। 


इधर, नए ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस ने आम लोगों से पैनिक न होने की अपील की है। ट्रैफिक को लेकर केंद्र सरकार के शासनादेश के बाद राज्य सरकार ने कुछ नियमों में संशोधन किया है। अब शासनादेश के रूप में नियम राज्य में लागू होंगे। जब तक नए नियमों का शासनादेश नहीं आता, तब तक पुराने नियमों पर ही चालान काटने की प्रक्रिया जारी रहेगी। 


पुलिस महानिदेशक अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि राज्य का शासनादेश अभी तैयार हो रहा है। इसमें कुछ समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल पुराने नियमों पर ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।


इधर, ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने बताया कि सभी जनपदों को ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी पुराने नियमों पर चालान किए जा रहे हैं। शासनादेश जारी होते ही नए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 


उन्होंने कहा कि आम लोग अफवाहों पर ध्यान देने की बजाय नियमों का पूरा पालन करें। नियमों का पालन करने वालों का किसी तरह का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। आम लोगों को नियमों के प्रति भी पुलिस जागरूक कर रही है। 



दुर्घटनास्थलों को सुरक्षित करने को 42 लाख जारी 
सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित करने के लिए ट्रैफिक निदेशालय ने 13 जिलों को 42 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। इस बजट से ब्लैक स्पॉट से लेकर संकरे मार्गों पर सुरक्षा के कार्य किए जाएंगे। रेलिंग से लेकर अंधे मोड़ पर वाहनों की आवाजाही के लिए मिरर भी लगाए जाएंगे। 


ट्रैफिक निदेशालय ने सड़क सुरक्षा समिति की स्वीकृति के बाद ट्रैफिक सुधार पर कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए दुर्घटना संभावित स्थलों को सुरक्षित करने के लिए जिलेवार बजट जारी किया गया है। ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने बताया कि जनपदों को आवंटित धनराशि से सड़कों को सुरक्षित किया जाएगा। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। 


इसके अलावा अंधे और सर्पीले मोड पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बजट 70 फीसद निर्माण कार्यों और 30 फीसद जन जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। 


जिलेवार आवंटित बजट
देहरादून 6.30 लाख, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल छह छह लाख रुपये, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा ढाई-ढाई लाख रुपये, उत्तरकाशी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, पिथौरागढ़ दो लाख 80 हजार का बजट जारी किया गया है। 


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