भाईदूज क्यों मनाया जाता है : जरुर पढ़ें

भाई दूज पर बहनें अपने भाईयों की खुशहाली के कामना करती हैं l  



सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो 


देहरादून l भाईदूज पर बहनें अपने भाईयों की खुशहाली के कामना करती हैं l भाई दूज का पर्व भाई बहन के रिश्ते पर आधारित है l भाईदूज दीपावली के दो दिन आने वाला ऐसा पर्व है जो भाई बहन के प्रेम को दर्शाता है l इस दिन बहनें अपने भाईयों की खुशहाली के कामना करती हैं l पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दुसरे कार्तिक शुक्ल को पूर्व काल में यमुना ने यमदेव को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था l जिससे उस दिन नारकी जीवों को यातना से छुटकारा मिला और वे तृप्त हो गए l उन सब ने एक महान उत्सव मनाया जो यमलोक के राज्य को सुख पहुंचाने वाला था l इसी वजहा से यहा तिथि दुसरे यम के नाम से विख्यात हुई l जिस तिथि को यमुना ने यम को अपने घर भोजन कराया था ,यदि उस तिथि को भाई अपनी बहन के हाथ से बना उत्तम भोजन ग्रहण करे तो  उसे उत्तम धन की प्राप्ति भी होती है l बहन यमुना के प्रेम से प्रसन्न होकर यमदेव वर मांगने को कहा ,तब बहन यमुना ने भाई यमराज से कहा कि आप प्रति वर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन ग्रहण करने आऐं तथा इस दिन जो बहन अपने भाई का टीका कर भोजन खिलाए उसे आप का भय न रहे l यमराज तथास्तु कह कर चले गए l तब से मान्यता है की जो भाई आज के दिन पूरी श्रद्धा से बहन के आतिथ्य  को स्वीकार करता है उसे और उसकी बहन को यमदेव का भय नही रहता l


भैया दूज पर्व तिथि व मुहूर्त 


29 अक्टूबर भाई दूज 


दिन : - मंगलवार 


तिलक मुहूर्त : 13 :11 से 15 : 23 बजे तक 


दुसरी तिथि 21 : 07 बजे से ,दुसरी समाप्त 21 : 20 बजे तक


 


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