निष्कर्ष निकला


निष्कर्ष निकला लालढांग-चिल्लरखाल सड़क निर्माण का 


माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, डाॅ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार मेंसम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। 



सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो   



देहरादून l दिनांक 16 अक्टूबर 2019, माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, डाॅ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में लालढांग-चिल्लरखाल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में व्यापक विचार-विमर्श करने के उपरान्त निष्कर्ष निकला कि वन विभाग अपने उपयोग के लिए तथा लोगों के आवागमन की सुगमता और वन संपदा-वन्यजीव की सुरक्षा की दृष्टि से लालढांग-चिल्लरखाल सड़क निर्माण का कार्य करेगा।


इसके लिए निर्णय लिया गया कि निदेशक और कन्जरवेटर शिवालिक पी.के पात्रो प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वार्डन और शासन से उपस्थित अधिकारियों की संस्तुति सहित अक्टूबर माह के अन्त तक अनिवार्य रूप से आनलाईन प्रक्रिया के माध्यम से नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को सड़क निर्माण हेतु वन भूमि के क्लियररेंस का प्रस्ताव प्रेषित करेंगे, साथ ही निष्कर्ष निकला कि आॅनलाईन प्रेषित प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलते ही वन विभाग सड़क निर्माण का कार्य प्रारम्भ करेगा।


इस दौरान मान्य मंत्री ने कहा कि कोटद्वार-पौड़ी जाने के लिए तथा वन संपदा एवं वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से इस सड़क के निर्माण का बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाजाही रहने से वनसंपदा और वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोह पर भी निगरानी करने में और आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ ही नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड के अपेक्षित सहयोग से ही पूरा हो सकेगा और कहा कि इस सड़क निर्माण के सम्बन्ध में सभी के द्वारा सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया गया है। बैठक में प्रमुख वन संरक्षक एस.के जयराज, मुख्य वार्डन राजीव भर्तरी, अपर सचिव शासन सुभाष कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक भूमि स्थानान्तरण डी.के शर्मा सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।


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